अगर आप का मन भी नहीं लगता पढने में तू ,दो मिनट देकर सुने ये अहम् ….

एजुकेशन

आजकल के बच्चों की या यह कहें कि आजकल के सभी स्टूडेंट की एक ही प्रॉ’ब्लम है “पढ़ने में मन नहीं लगता”। जब भी किताब को हाथ लगाते हैं तब सोचते हैं कल पढ़ेंगे। हम कितना भी पढ़ाई में ध्यान लगाने की कोशिश करते हैं बार-बार ध्यान मोबाइल की तरफ चला जाता है। अगर हम कोई मो’टिवेशनल वीडियो देखते हैं तो उसका असर भी केवल कुछ मिनट या कुछ घंटे ही रहता है। दोस्तों 14 से 25 सा’ल की उ’म्र एक ऐसी उ’म्र है जिसमें या तो आपकी जिंदगी बि’खर सकती है यह संवर सकती।

यदि आप अपनी जिंदगी को संवारना चाहते हैं तो सबसे पहले आप अपने आप से स’वाल कीजिए कि आखिर आप करना क्या चाहते ? अकेले में खुद से सवाल पूछिए कि मुझे क्या करना है ? कब तक अपने मां बाप के दिए हुए टुकड़ों पर पलते रहना है?दोस्तों यह बात हमेशा याद रखें कि राजा बनने के लिए आपको पहले भि’खारियों की तरह मे’हनत भी करनी पड़ेगी, यदि आप सूरज की तरह चमकना चाहते हैं तो आपको उस सूरज की तरह तपना भी पड़ेगा। हर स्टूडेंट पढ़ने का मन बनाता है और फिर टाइम रखने लगता है- कल पढ़ लूंगा ,परसों पढ़ लूंगा, एक तारीख से पढ़ लूंगा, 5 तारीख से तो पक्का पढ़ लूंगा। लेकिन कल कल मैं पूरा वक्त निकल जाता है आखिर कब तक आप कल कल करेंगे ? एक दिन ऐसा भी आएगा जब आप कल मरने वाले होंगे क्या तब भी आप यह कहेंगे कि कल कर लूंगा।

दोस्तों कल कल में अपनी जिंदगी बर्बाद करने से पहले एक नजर उन लोगों की तरफ भी जरूर देख लेना जिन्हें आपसे बहुत सारी उम्मीदें हैं। हम बात कर रहे हैं आपके माता-पिता की। आपके माता-पिता आपके लिए सब कुछ करते हैं हर संभव प्रयास करते हैं और हर संभव चीजें आपको उपलब्ध कराते हैं ताकि आप जीवन में कामयाब हो सके और आप उनके लिए कुछ वक्त निकालकर दिल लगाकर पढ़ भी नहीं सकते हैं। दोस्तों आज वक्त है तो सोच लीजिए कि आपको जिंदगी में आखिर करना क्या है? वर्ना ये मत भूलिए कि जिंदगी हर पल सोच रही है कि आपके साथ क्या करना है?पढ़ाई में मन लगाने के लिए सबसे पहले तो आप अपने मोबाइल से वह सारी चीजें हटा दो जिसका आपकी पढ़ाई से या कोर्स से कोई ताल्लुक ना हो या जिसके कारण आपका ध्यान पढ़ाई से हट रहा हो।


अक्सर लोग कहते हैं कि मैं पढ़ना तो चाहता हूं लेकिन पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है। मैं कहता हूं कितना भी मन ना लगे एक बार कोशिश करके तो देखो यदि आप कुछ पल कोशिश करें तो शायद आप कुछ घंटे और पढ़ना चाहे।यदि आप अपने आप को मोटिवेट करना चाहते हैं तो आप हरिवंश राय बच्चन की उस कविता को याद करें जिसमें उन्होंने चींटी का उदाहरण दिया है और अंत में लिखा है कि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती । छोटी सी चीटी एक दीवार पर बार बार चढ़ती है और बार बार फिसलती है लेकिन अंत में वह अपने वजन से कहीं ज्यादा वजन वाले टुकड़े को लेकर दीवार पर चढ जाती है और वह अपनी कोशिश में कामयाब हो जाती है। दोस्तों हम तो फिर भी इंसान हैं हम में समझ है, दिमाग है।

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