rajinikanth success story in hindi

रजनीकांत कभी बस कंडक्टर थे और आज करोड़ो बंगलो के मालिक, देखिए ‘थलाईवी’ के शानदार घर की तस्वीरें !..

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रजनीकांत(Rajnikanth) 70 साल के हो रहे हैं। फैंस के बीच वह ‘थलाईवा’(Thalaiva) के नाम से मशहूर हैं। 12 दिसबंर 1950 को रजनीकांत का जन्म बेंगलुरु में हुआ था। बहुत कम लोग ही यह जानते हैं कि उनका असल नाम ‘शिवाजी राव गायकवाड़’(Shivaji Rao Gaekwad ) हैं। रजनीकांत को फैंस भगवान की तरह पूजते हैं। हांलाकि फैंस के लिए में यह मुकाम पाने के लिए रजनीकांत ने कड़ा संघर्ष किया है। चार-भाई बहनों में सबसे छोटे रजनीकांत का जीवन संघर्ष से भरा रहा।

एक वक्त था जब उन्हें घर चलाने के लिए

बस में कंडक्टर की जॉब भी करनी पड़ी थी। लेकिन भगवान ने उनकी किस्मत में बस के धक्के नहीं बल्कि राज-पाट लिखा था। साल 1975 में फिल्म ‘अपूर्व रागंगल’ से उन्होने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

क्या आप सोच सकते हैं कि कभी बस में

कंडक्टरी कर घर चलाने वाला शख्स आज करोड़ों के बंगलों का मालिक है। रजनीकांत ने इस नामुमकिन काम को अपनी संघर्ष भरी जिंदगी में मुमकिन करके दिखाया है।

देश के अलग-अलग कोनों में

रजनीकांत के कई आलीशान बंगले हैं। अपने परिवार के साथ रजनीकांत चेन्नई के पोएस गार्डन में अपने शानदार बंगले में रहते हैं, जिसकी कीमत लगभग 35 करोड़ बताई जाती है।

हांलाकि ‘थलाईवा’ के सभी बंगलों में से

सबसे ज्यादा चर्चा उनके ‘पुणे’ वाले बंगले के हिस्से में आती है। 376 करोड़ की कुल संपत्ति वाले रजनीकांत का यूं तो हर घर वैभवता की मिसाल है। लेकिन उनके ‘पुणे’ वाले घर की तस्वीरें देख किसकी भी आंखे खुली रह जाएंगी। आज हम आपको रजनीकांत के उसी घर की सैर करवाने जा रहे हैं।

बाहर से रजनीकांत का ‘व्हाइट हाउस’ ऐसा दिखता है।

है ना कमाल का नज़ारा….चारों तरफ हरियाली, बड़े-बड़े पेड़, हरी घास का मैदान और बीच में ये सुंदर जगमगता सफेद रंग का महल। रजनीकांत के इस घर को देखने वाले हर शख्स की आंखे चौंधिया जाती हैं।

घास के मैदान से होते हुए इस घर में प्रवेश करने तक का रास्ता भी बेहद खूबसूरत है।

अब आपको लेकर चलते हैं रजनीकांत के

घर के लिविंग रूम में। जो इतना शानदार है कि आपका मन भी वहीं बस जाने का करेगा। रजनीकांत के इस रूम की दीवारें भी ईंट-पत्थर की नहीं बल्कि कांच की हैं। ताकि अंदर बैठे-बैठ ही बाहर की हरियाली और खूबसूरती का आनंद उठाया जा सका। लेदर के आरामदायक सोफों को L-शेप में रखा गया है। एक साथ कई मेहमान यहां आराम से बैठ सकते हैं। बीच में रखी है कांच की सेंटर टेबल। सामने की दीवार पर लगाया है बड़ा सा एलसीडी। बेहद भव्य है ये लिविंग रूम।

लिविंग रूम के पास ही है डायनिंग एरिया।

इस हॉल का इंटीरियर भी लिविंग रूम से मेल खाता ही है। ब्लैक कलर की कांच की डायनिंग टेबल जितनी एट्रेक्टिव दिखती है उतनी ही डेलिकेट भी। डायनिंग टेबल के ठीक ऊपर छत पर लगाया है ये बेहद स्टाइलिश झूमर। चमचमाती व्हाइट इटैलियन टाइल्स की फ्लोरिंग पर ग्रे कलर का कारपेट भी काफी खूबसूरत दिखता है।

और ये है थलाईवा के बेडरुम का नज़ारा।

सामने की दीवार पूरी तरह से कांच की है। जहां से सुबह-सुबह सूरज की सीधी रोशनी कमरे में आती है। रजनीकांत के रूम का इंटीरियर इस तरह से किया गया है कि यहां जरुरत की हर चीज़ मौजूद है फिर भी यहां ज्यादा भीड़-भाड़ नहीं लगती हैं। रूम के सोफे व्हाइट लेदर के हैं।

घर में मौजूद दूसरे कमरों की सजावट कुछ इस तरह से की गई है।

पूरा घर व्हाइट, ब्लैक और ग्रे कलर की थीम से सजाया गया है। इनके इस घर की कीचन भी बेहद शानदार है।

रजनीकांत का पूरा घर किसी फाइव स्टार होटल से कम नहीं दिखता है।

अब एक नज़र थलाईवा के घर के बाथरूम एरिया पर भी डाल लीजिए।

भई यहां तो बाथ के साथ-साथ सनबाथ का लुत्फ भी उठाया जा सकता है।

ये है रजनीकांत के घर का बैकयार्ड। इस जगह पार्किंग एरिया बनाया गया है। साथ ही बाहर की खूबसूरती और हरियाली का आनंद उठाने के लिए रेस्ट चेयर्स भी बिछाए गए हैं।

एक साथ कई गाड़ियां इस पार्किंग एरिया में पार्क की जा सकती हैं।

तो देखा आपने कितने लग्ज़री लाइफ स्टाइल के शौकिन हैं रजनीकांत। हांलाकि रजनीकांत के लिए कहा जाता है कि स्टारडम की बुलंदी पर पहुंचने के बावजूद भी वह ज़मीन से जुड़े हैं। अपनी सालाना कमाई का बड़ा हिस्सा वह दान में देते हैं। यही वजह है कि उनके फैंस उन्हें भगवान का दर्जा देते हैं।

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